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मध्यप्रदेश

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ई-विधान समझेंगे विधायक, सत्र के बीच होगा प्रशिक्षण

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विधानसभा में शुरू हुईं मानसून सत्र की तैयारियां

भोपाल । मप्र विधानसभा सचिवालय 28 जुलाई से 8 अगस्त तक आयोजित मानसून सत्र की तैयारियों में जुट गया है। सत्र के बीच ही ई-विधान के लिए सभी विधायकों और उनके सहयोगी स्टाफ का प्रशिक्षण भी होना है। तकनीकी टीम के साथ इसकी भी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 

उल्लेखनीय है कि आगामी शीतकालीन सत्र से मप्र विधानसभा में ई-विधान लागू किए जाने की तैयारियां चल रही हैं। मार्च में आहूत हुए बजट सत्र के बाद से ही सदन में ई-विधान की भौतिक तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। यहां अध्यक्ष की आसंदी सहित सभी सदस्यों की सीटों को हटाकर जमीन में हर टेबिल तक इंटरनेट कनेक्शन सहित अन्य तारों को पहुंचाने का काम पूरा हो चुका है। इसके बाद फिर से टेबिल व्यवस्थित करने एवं साज-सज्जा का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। ई-विधान को लागू करने से पहले हर विधायक की सीट पर टेबलेट स्थापित करने की कार्यवाही भी होना है। हालांकि इससे भी महत्वपूर्ण काम सभी सदस्यों को ई-विधान की प्रक्रिया से अवगत और प्रशिक्षित करना है। सचिवालय का प्रयास है कि इस सत्र में प्रशिक्षण के बाद शीतकालीन सत्र में इसे सीधे ही लागू कर दिया जाएगा। 

ई-विधान से क्या बदलाव नजर आएगा 

विधानसभा में ई-विधान लागू होने के बाद भौतिक दस्तावेज, प्रश्न-उत्तर आदि फोटोकॉपी या लिखित रूप में नहीं, बल्कि पीडीएफ, जेपीजी आदि फाइलों के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा। विधायक प्रश्न, आपत्ति, शिकायत अथवा आवेदन भी अपने टेबलेट से ही कर सकेंगे। इसके लिए सभी विधायकों को विधानसभा के बाहर ले जाने के लिए अतिरिक्त टेबलेट भी दिया जाएगा। मंत्री भी विभाग से संबंधित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए टेबलेट का उपयोग करेंगे। हालांकि ई-विधान लागू होने के तुरंत बाद भौतिक दस्तावेजों का उपयोग पूरी तरह बंद हो जाएगा। इसकी संभावना कम ही है। 

सत्र के लिए लग रहे विधायकों के प्रश्न 

विधानसभा के मानसून सत्र के लिए विधायक अभी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार से प्रश्न विधानसभा सचिवालय भेज रहे हैं। सचिवालय ने भी उत्तरों के लिए इन प्रश्नों को संबंधित विभागों के पास भेजना शुरू कर दिया है। अलग-अलग विभागों से संबंधित प्रश्न विधायकों से अलग-अलग तिथियों में लिए जा रहे हैं।