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खुश नहीं, सतर्क हो जाएं, आईएएस नहीं ये ठग हैं
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अधिकारियों के फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर भेजे जा रहे फ्रेंड रिक्वेस्ट
भोपाल। आपके फेसबुक आईडी पर किसी आईएएस, आईपीएस अधिकारी या किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति का फ्रेंड रिक्वेस्ट आया है तो खुश होने की जरूरत नहीं है। उत्साह में इस फ्रेंड रिक्वेस्ट को स्वीकार नहीं करें, अन्यथा आप ठगी का शिकार हो सकते हैं।
सोशल मीडिया के माध्यम से ठगी करने वाले एक बार फिर से सक्रिय हो गए हैं। मप्र संवर्ग के आईएएस एवं आईपीएस अधिकारियों के नाम से, उनके फोटो लगे फेसबुक आईडी से लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजे जा रहे हैं। ज्यादातर रिक्वेस्ट उन्हें भेजे जा रहे हैं, जो संबंधित अधिकारी से पहले से सोशल मीडिया पर जुड़े हैं। अधिकारियों के वास्तविक फेसबुक अकाउंट से फोटो एवं दूसरे विवरण लेकर फर्जी फेसबुक आईडी तैयार की जा रही है। इस आईडी से पहले फें्रड रिक्वेस्ट भेजी जाती है। रिक्वेस्ट स्वीकार होते ही फेसबुक पर चेट कर मोबाइल नंबर मांगा जाता है। मोबाइल नंबर मिलते ही पहले कैसे हैं? क्या कर रहे हैं? जैसे प्रश्न इसके बाद बहाने से पैसे मांगे जाते हैं। जालसाजों के इस झांसे में पहले भी कई लोग फंस चुके हैं, हाल में ठगी का यह कारोबार फिर से शुरू हो गया है।
आईएएस के पास भी पहुंच रही शिकायत
गुना कलेक्टर किशोर कान्याल, मप्र वेयर हाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन एवं नागरिक आपूर्ति निगम के संचालक अनुराग वर्मा, मप्र राज्य सूचना आयोग में सचिव राजेश ओगरे, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा, आईएएस भरत यादव, आईएएस विनोद कटेला, श्रीमती विदिशा मुखर्जी, आईपीएस सांई कृष्णा थोटा सहित कई आईएएस, आईपीएस अधिकारियों के फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर उनके परिचितों को फे्रंड रिक्वेस्ट भेजे जा रहे हैं। रिक्वेस्ट स्वीकार होने पर फेसबुक चेट के माध्यम से सामान्य परिचय, चर्चा और फिर बहाने से पैसे मांगे जा रहे हैं। शिकायत मिलने पर कुछ अधिकारियों ने फेक आईडी को बंद भी कराया है। कुछ ने अपने सोशल मीडिया के माध्यम से फर्जी आईडी की जानकारी साझा की है।
इस तरह पहचानें फर्जी आईडी
- जिस फेसबुक आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई है, उस पर फ्रेंड संख्या चेक करें। 25्र्र्र्र्र्र्र्र्र-50 या 100्र्र्र्र्र-200 है तो फर्जी होने की संभावना है।
- रिक्वेस्ट आईडी पर नाम की स्पेलिंग या नेम-सरनेम का क्रम चेक करें। वास्तविक आईडी से अलग हो सकता है।
- आईडी पर प्रोफाइल का फोटो हाल के कुछ दिनों में अपडेट हुआ है और पोस्ट और टेग की संख्या सीमित है तो आईडी फर्जी हो सकती है।
रिक्वेस्ट आने पर क्या करें
वरिष्ठ अधिकारी या प्रतिष्ठित व्यक्ति के आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट आने पर पहले आईडी की पड़ताल करें। संभव हो तो संबंधित से फोन पर बात कर सत्यापित करें। अगर रिक्वेस्ट स्वीकार भी कर ली है, इसके बाद चेट मैसेज आए और पैसे मांगे जाएं तो तय मानें कि आईडी फर्जी है। तुरंत अनफ्रेंड करें।
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