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मध्यप्रदेश

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अनुचित लाभ के लिए ठेकेदारों पर विशेष मेहरबानी, नियंत्रक महालेखापरीक्षक की रिपोर्ट से उजगर हुईं पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की गड़बडियां

मध्यप्रदेश

भोपाल। मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग के लापरवाह ठेकेदारों के प्रति विभाग के अधिकारियों का नजरिया बीते वर्षों में न केवल उदासीन बना रहा, बल्कि ऐसे ठेकेदारों को नियम विरुद्ध सहयोग कर अनुचित लाभ भी पहुंचाया गया।मप्र लोक निर्माण विभाग द्वारा सडक़ों के विकास-निष्पादन के संबंध में नियंत्रक महालेखापरीक्षक द्वारा 31 मार्च 2023 को समाप्त वर्ष के लिए जारी प्रतिवेदन में इस तरह की कई गड़बडियां उजागर की हैं। 

कैग ने वर्ष 2018 से 2023 के बीच 276 सडक़ कार्यों और 10 एनडीबी से वित्त पोषित परियोजनाओं का परीक्षण किया। राज्य स्तरीय मैक्रो डेटा के परिक्षण तथा 56 में से 25 लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सडक़) संभागों के अभिलेखों की नमूना जांच भी ली गई। जांच में मार्च 2023 से जून 2024 के बीच किए गए फील्ड वर्क को शामिल किया गया। 51 सडक़ों का संयुक्त भौतिक परीक्षण भी किया गया। 

सीएजी ने इस तरह की गड़बडिय़ां की उजागर 

- स्वीकृत सडक़ों का बहुत छोटा हिस्सा ही निर्धारित समय में पूरा हो सका। कामों के पूरा होने में औसतन 424 दिन की देरी पाई गई। कइ्र मामलों में अधूरे कामों का फोर क्लोजर किया गया। ईपीसी मॉडल के अनुबंधों की परियोजनाएं ही समय पर पूरी हो सकीं, हालांकि इसमें ठेकेदारों को शीघ्र पूर्णता बोनस का प्रावधान कर प्रोत्साहन दिया गया। प्रदान की गई समय-सीमा निर्धारित मानकों से अधिक थी, जिससे ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचा। 

ठेकेदारों से नहीं वसूली अग्रिम राशि

ठेकेदारों के साथ अनुबंध में भी कई गड़बडिय़ां मिली। अमान्य गारंटियों के आधार पर अनाधिकृत भुगतान किए। काम में चूक करने वाले ठेकेदारों को अनुचित ढील बरती गई। मूल्य वृद्धि का उचित प्रबंधन नहीं किया और अनुबंध शर्तों से परे जाकर भुगतान किए गए। ठेकेदारों ने घटिया सामग्री का उपयोग किया एवं कामों में भी कमी पाई गई। 

एक समाचार पत्र में प्रकाशित कराई निविदा

पांच करोड़ से अधिक मूल्य की कुल 61 में से 59 निविदा सूचना नियम विरुद्ध केवल एक ही समाचार पत्र में प्रकाशित कराई गई। ईएनसी ने निविामूल्यांकन समितियों की संरचना में अनियमित परिवर्तन किए। अनिवार्य रूप से शामिल किए जाने वाले अधिकारियों के स्थान पर अयोग्य सदस्यों को शामिल किया। 

ब्लैकलिस्टेड ठेकेदारों से किए अनुबंध 

लोक निर्माण विभाग की परियोजनाओं में काली सूचीबद्ध ठेकेदारों से अयोग्यता तथा निविदा वैधता समाप्त हो जाने के बावजूद अनियमित रूप से अनुबंध किए गए एवं एलओए जारी किए गए। दोषी फर्में जिन्होंने परफोर्मेंस सिक्योरिटी जमा नहीं की या अनुबंध हस्ताक्षर नहीं किए, उन्हें न तो निलंबित किया गया और न ही कालीसूची में डाला गया। 

निर्माण कार्य में कमियां, कटोती के बिना भुगतान

11 निर्माण कार्यों में पीक्यूसी एवं डीएलसी की दाब शक्ति अपेक्षाकृत कम पाई गई। लेकिन ऐसे खराब कामों के भुगतान भी बिना किसी कटोती के कर दिए गए। इससे 6.43 करोड़ के अतिरिक्त भुगतान की स्थिति बनी। 

ठेकेदारों के हित में नियमों को किया सिथिल

पूर्व योग्यता मापदंडों में संशोधन कर सीमा को 5 करोड़ से घटाकर 2 करोड़ किया। वृक्ष स्थानांतरण एवं वृक्षारोपण के साथ 3-5 र्वा के रखरखाव के प्रावधान जोड़े। बिटुमिन की खरीद सरकारी रिफाईनरियों से ही खरीद किया जाना अनिवार्य किय। 

कैग ने की यह अनुशंसाएं  

कैग ने नियमावली को आद्यतन करने, दीर्घकालिक मास्टर प्लान/नीति का विकास, निविदा प्रक्रियाओं को मजबूत करने, गुणवत्ता नियंत्रण में सुधार, निगरानी तंत्र मजबूतकरने6 एवं शासन को स्वतंत्र समिति गठित कर अधिक भुगतान, अवमानक कार्य, अधिक आंकलन, दोषपूर्ण डिजाइन जैसी चूकों और कामों की समीक्षा कर जवाब देही तय करने की सलाह दी है। 

-एनडीबी के अलावा शेष साी परियोजनाओं में सडक़ लम्बाई में भी कमी देखने को मिली। इससे ऋण की उपयोग नहीं हो सकी राशि बच गई। भुगतान में देरी से अर्थदण्ड की स्थितियां बनीं। अन्य निधियों की राशि का भी उपयोग नहीं किया।