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मैडम संभालेंगी महाकाल की नगरी में वाहन की कुर्सी, भाभी जी झपट रहीं साहब की ईमानदारी का ‘नेग,

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मैडम संभालेंगी महाकाल की नगरी में वाहन की कुर्सी

Hidden pictures's Gossip गुगली : महाकाल की नगरी में वाहन पंजीयन में हुए गड़बड़झाले की खबर प्रदेश के मुखिया तक भी पहुंची है। सूत्र बता रहे हैं कि मुखिया के शहर में घोटाला आफीसर को भारी पड़ सकता है। फिलहाल तो इनकी उज्जैयनी से विदायी की तैयारी हो चुकी है। अब इस कुर्सी के लिए बल्लभ भवन ने मैडम का नाम तय किया है। मैडम लम्बे समय से इसके लिए प्रयासरत भी है। सूत्रों का कहना है कि मुखिया ने भी अपने शहर में मैडम की अगवानी को हरी झंडी दिखा दी है। मैडम अभी दूसरे जिले में विभाग की कमान संभाले हैं और सब कुछ ठीक ठाक रहा तो स्थान अंतरण की पहली फ्लाइट से मैडम महाकाल की नगरी पहुंचने वाली हैं।


भाभी जी झपट रहीं साहब की ईमानदारी का ‘नेग

एमपी अजब-गजब है तो है, इसमें कोई शक नहीं। सूबे के जग-जाहिर मामा-मामी के पेंतरे अफसरों ने भी अपना लिए हैं। चार साल पेले जन से संपर्क में रहे और अब उद्योग नगरी में कुरसी संभाले साहब स्वयं के खांटी ईमानदार बताते हैं। लेकिन ये कौन लोग हैं जो कांख में गड्डी दबाकर साहब के बंगले पर भाभी से मिलने जाते हैं। उद्योग-कारोबारी हो या ठेकेदार जब साहब से मिलकर चाय-पानी की पेशकश करता है। तो साहब साफ मना कर देते हैं। हां बंगले का पता बताकर इतना जरूर बोलते हैं, भाभी जी से मिल लेना। जो भाभी जी से मिलने बंगले जाता है, फाइल उसी की आगे बढ़ती है। बंगला भ्रमण के बाद ठेकेदार जब भी साहब से मिलने पहुंचता है, साहब का पहला सवाल होता है, मुलाकात कैसी रही? मुलाकात अच्छी तो फाइल को पंख लग जाते हैं, नहीं तो छोटे-मोटे और मध्यम की फाइलें भी कोने में पड़ी नजर आती हैं।