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मध्यप्रदेश

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दूसरे राज्यों में राशन ले रहे मप्र के 39 हजार परिवार

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खाद्य मंत्री बोले-गरीबों के लिए वरदार बनी ‘वन नेशन-वन रशन कार्ड’ 

भोपाल। केन्द्र सरकार की  ‘वन नेशन-वन राशन कार्ड’ योजना गरीबों के लिए वरदान बन गई है। इस योजना में हर माह मप्र के लगभग 39 हजार परिवार अन्य राज्यों में नि:शुल्क राशन प्राप्त कर रहे हैं। जबकि दूसरे राज्यों के प्रति माह औसतन 6 हजार से अधिक परिवार मप्र में नि:शुल्क राशन प्राप्त कर रहे हैं। प्रति माह औषतन लगभग 15-16 लाख परिवार अंतर जिला पोर्टेबिलिटी का लाभ भी ले रहे हैं। मप्र की डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार के दो वर्ष पूरे होने के बाद विभागीय उपलब्धियों की जानकारी देने के लिए आयोजित पत्रकारवार्ता में यह बात मप्र के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कही।

हितग्राहियों की सूची का साल में दो बार ग्राम सभा में वाचन 

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मप्र में सरकार ने विगत दो सालों में 5.25 लाख से ज्यादा हितग्राहियों को 22 हजार 800 करोड़ का नि:शुल्क अनाज बांटा है। नि:शुल्क खाद्यान हितग्राहियों की सूची से वास्तविक गरीब वंचित न रह जाएं, अपात्र सूची में जुड़ सकें, इसलिए प्रत्येक ग्रामसभा में साल में दो बार 26 जनवरी और 2 अक्टूबर को पात्र हितग्राहियों की सूची पढ़ी जा रही है।  मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरुकता कार्यक्रम के माध्यम से राशन दुकानों से राशन वितरण प्रक्रिया पारदर्शी बनाई गई है। दुकान पर राशन पहुंचने और बांटे जाने की जानकारी एसएमएस के माध्यम से मोबाइल पर भेजी जा रही है। अब तक 93 प्रतिशत अर्थात एक करोड़ 70 लाख से अधिक हितग्राहियों के ई-केवायसी सत्यापन पूरे हो चुके हैं। बायोमेट्रिक के साथ-साथ ‘मेरा ई-केवायसी ऐप’ से चेहरा सत्यापन कर ई-केवायसी किए गए हैं। प्रदेश में 14 लाख नए हितग्राही जोडक़र उन्हें पात्रता पर्ची जारी कर नि:शुल्क राशन बांटा जा रहा है। 

‘ऐप’ से अनाज की निगरानी करेगा कर्पोरेशन 

खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि वेयर हाऊसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा संचालित गतिविधियों की निगरानी के लिए तीन ‘ऐप’ विकसित किए गए हैं। ‘नमी मापक ऐप’ से एफसीआई के मापदण्ड अनुसार अनाज में नमी की कमी या अधिकता नापी जा सकेगी। ‘फ्यूमिगेशन ऐप’ से भंडारित अनाज के समय-समय पर फ्यूमिगेशन तथा दवाओं के छिडकाव का पर्यवेक्षण होगा। तीसरे ‘इंस्पेक्शन ऐप’ से अनाज भण्डार के भौतिक सत्यापन तथा निरीक्षण की गिनानी होगी।  

दो साल में पकड़ी नापतौल में 11700 गड़बडिय़ां 

मंत्री राजपूत ने बताया कि नाप-तौल विभाग ने विभिन्न व्यवसायिक संस्थानों एवं व्यापारियों के नापतौल उपकरणों के सत्यापन से पिछले दो सालों में 49 करोड़, 14 लाख राजस्व प्राप्त किया। विभिन्न व्यापारिक संस्थनों के निरीक्षण में अनियमितता पाए जाने पर दो साल में कुल 11700 प्रकरण पंजीबद्ध कर लगभग 4 करोड़ 50 लाख रुपये का अर्थदण्ड वसूला। उपभोक्ता आयोगों का कम्प्यूटरीकरण किया है। उपभोक्ता जागरुकता के कार्यक्रम चलाए गए।  

राशन दुकानों पर मिलेगा परचूनी का सामान

विभाग की भावी कार्योजना बताते हुए मंत्री राजपूत ने कहा कि राशन की दुकानों को मुख्यमंत्री पोषण मार्ट के  रूप में विकसित किया जाएगा। राशन दुकान पर सरकारी राशन के अलावा विविध पोषण सामग्री एवं दैनिक उपयोग का जरूरी सामान मिलेगा। राशन प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए हाथ के अंगूठे के साथ-साथ आंखों को स्कैन करेंगे एवं वजन मशीन को तथा खाद्यान्न पर्ची को पॉस मशीन से लिंक करेंगे। छूटे हितग्राहियों का ई-केवायसी कर आपत्र हितग्राही बाहर किए जाएंगे, नए पात्र जोड़े जाएंगे। गुणवत्तायुक्त फसल खरीदी के लिए ऑटोमेटिक क्लीनिंग मशीन, ग्रेन एनालाईजर एवं क्यूआर कोड युक्त सुरक्षा पर्ची व्यवस्था होगी। कार्यक्षमता बढ़ाने अधिकारियों एवं कर्मचारियों का प्रशिक्षण कराया जाएगा। निजी वेयर हाउस संचालकों को अनाज, भंडारण के अतिरिक्त गोदाम के अन्य उपयोग की संभावनाओं पर विशेषज्ञों से प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। शासकीय गोदामों की छत एवं परिसर में सोलर पैनल लगाए जाएंगे। 

सिंहस्थ में राशन वितरण की सीसीटीवी से निगरानी

मंत्री राजपूत ने सिंहस्थ-2028 के लिए विभाग की कार्योजना बताते हुए कहा कि मेला क्षेत्र नान द्वारा गोदम स्थापित कर जोन एवं सेक्टर में विभाजित कर राशन वितरित किया जाएगा। आवश्यकता अनुसार उचित मूल्य की दुकान स्थापित की जाएंगी। अखाड़ों की मांग पर अस्थायी राशन कार्ड जारी होंगे। संपूर्ण मेला क्षेत्र में राशन वितरण व्यवस्था पर सीसीटीवी से निगरानी रखी जाएगी। एलपीजी प्रदाय के लिए सेक्टर वार काउंटर बनाए जाएंगे। अखाड़ों का अस्थायी गैस कनेक्शन एवं उज्जैन एवं रास्ते के पेट्रोल/डीजल/सीएनजी पंपों पर पर्याप्त डीजल/पेट्रोल, ऑयल कंपनी के माध्यम से उपलब्धता कराई जाएगी।