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मध्यप्रदेश

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मंत्री बोले-विद्यालय के एक ही परिसर में देंगे संस्कृत, वेद, योग की शिक्षा, परिवहन चेकपॉइंट पर वसूली नहीं, लेकिन सख्ती से होगी वाहन चेकिंग

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गाय पर शोध करेंगे मध्यप्रदेश के स्कूली विद्यार्थी  

भोपाल। मध्यप्रदेश के विद्यालयों में सामान्य पाठ्यक्रमों की शिक्षा के साथ-साथ एक ही विद्यालय परिसर में संस्कृत, वेद और योग की शिक्षा दिलाए जाने के प्रयोग चल रहे हैं। विद्यार्थी गाय के फायदों को लेकर शोध भी करेंगे। सरकार अभी दो जिलों में इस प्रयोग को करने जा रही है। बाद में अन्य शासकीय विद्यालयों में भी इसे लागू किया जाएगा। यह बात मप्र के स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री ने सोमवार को मीडिया से चर्चा में कही। 

मप्र की डॉ. मोहन यादव सरकार के दो साल पूरे होने के अवसर पर इन दो सालों में विभागों की उपलब्धियों और आगामी तीन वर्ष की भावी कार्योजना को उन्होंने मीडिया से साझा किया। 

क्षेत्रीय भाषाओं में होंगे पाठ्यक्रम 

मंत्री ने बताया कि मप्र में अलग-अलग क्षेत्रों में भाषाओं में भी अंतर है। इस कारण विद्यार्थियों के लिए हिन्दी, अंग्रेजी के अलावा क्षेत्रीय भाषाओं में भी पुस्तकों का प्रकाशन कराया जाएगा। बुंदेलखंड, मालवा सहित अन्य क्षेत्रों में उनकी भाषा के अनुरूप पुस्तकें छपेंगी।

शाला त्यागी बच्चें को रोकने की जिम्मेदारी प्रधान अध्यापक-प्राचार्य की

5वीं और 8वीं के बाद विद्यार्थी शाला त्यागें, इसके लिए विभाग ने 6वीं कक्षा में प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए विद्यालय के प्रधान अध्यापक और 10वीं में प्रवेश के लिए प्राचार्य की जिम्मेदारी तय की है। दोनों ही तय करेंगे कि वे इन दोनों कक्षाओं के बाद शाला नहीं पहुंचने वाले विद्यार्थियों की मॉनीटरिंग करें और उन्हें अगली कक्षा में प्रवेश दिलाएं। उन्होंने बताया कि विगत दो वर्षों में 6 से 14 वर्ष के 90 प्रतिशत बच्चों का ड्रॉपआउट ट्रेप कराकर विद्यालय प्रवेश कराया है। कई प्रोत्साहन योजना शुरू की हैं, 2 साल में पाठ्यक्रम को भी आकर्षक बनाया है। 

विकासखंड स्तर लगेंगे पुस्तक काउंटर 

स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि निजी विद्यालयों में महंगे पाठ्यक्रम और पुस्तकों की शिकायतों के चलते सरकार विकासखंड स्तर पर पुस्तक काउंटर लगाएगी। विद्यार्थी यहां से उचित मूल्य में पुस्तकें खरीद सकेंगे। मंत्री ने कहा कि सत्र 2025-26 के लिए सभी शासकीय विद्यालयों में शत-प्रतिशत पुस्तकें अप्रैल माह तक पहुंचा दी गई थीं। अगले सत्र में भी पुस्तकें समय पर पहुंचाई जाएंगी, जिससे वे समय पर पढ़ाई आरंभ कर सकें। 

अप्रैल में बटेंगी साइकिल 

मंत्री उदयप्रताप ने बताया कि इस वर्ष 94 हजार मेधावी विद्यार्थियों को लेपटॉप और 7800 को स्कूटी दी थी। पात्र विद्यार्थियों को साइकिल पिछले साल अगस्त में दी गई थीं। इस बार अप्रैल में देने का प्रयास करेंगे, जिससे बच्चे आरंभ से स्कूल जाने के लिए इसका उपयोग कर सकें। उन्होंने कहा कि सांदीपनी में गुणवत्तापूर्ण गणवेश दी जा रही है। 

30 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जारी 

मंत्री ने बताया कि प्रदेशभर में 30 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। 24 हजार पात्र शिक्षकों को पदोन्नत किया जा रहा है। 36 हजार अतिथि शिक्षकों को ज्वाइनिंग दी है। 20 हजार शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। 

भोपाल में बनेगी शिक्षा विभाग की 22 मंजिला इमारत 

मंत्री उदयप्रताप ने बताया कि सरकार राजधानी में स्कूल शिक्षा विभाग की 22 मंजिला इमारत बनाने पर काम कर रही है। इस इमारत में विभाग के सभी कार्यालय एक साथ लगेंगे। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण की अनुमति मिलते ही इस पर काम शुरू कर देंगे। 

चेकपॉइंट पर वसूली नहीं, लेकिन सख्ती से होगी वाहन चेकिंग 

परिवहन मंत्री उदयप्रताप ने कहा कि चेकपॉइंट पर अवैध वसूली नहीं, लेकिन नियम विरुद्ध संचालित वाहनों की चेकिंग की कार्रवाई सख्ती से होगी। उन्होंने कहा कि चेकिंग में बाधा डालने अथवा वीडियो बनाने वालों पर सख्ती से कार्रवाई करेंगे। रीवा जिले के हनुमना क्षेत्र में परिवहन विभाग में वसूली को लेकर रविवार को वायरल हुए कथित वीडियो और अवैध वसूली के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में परिवहन मंत्री ने कहा कि जो भी शिकायतें या वीडियो आते हैं, उनकी हर स्तर पर जांच कराते हैं। स्थानीय कलेक्टर और एसपी से भी उसका सत्यापन कराते हैं। कहीं भी आरोप सही पाए जाते हैं, हम कार्रवाई करते हैं। कई कर्मचारियों पर निलंबन और मुख्यालय अटैच जैसी कार्रवाईयां की हैं। आगे भी जो भी गड़बड़ी करेगा, उस पर जरूर कार्रवाई होगी। 

दूरस्थ गांव तक भेजेंगे बसें 

परिवहन मंत्री ने कहा कि 2003-04 में बंद हो चुकी परिवहन सेवा को फिर से चालू किया जा रहा है। इसके लिए राज्य स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया गया है। दूरस्थ गांव तक सुरक्षित एवं सुविधाजनक परिवहन सेवा शुरू की जा रही है। सर्वजनिक परिवहन सेवा की अनुबंधित बसों में महिलाओं, बच्चों की सुरक्षा सहित अन्य यात्री सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। 

परिवहन कार्यालयों में फेसलेस सेवा 

मंत्री ने कहा कि मप्र परिवहन विभाग परमिट, लायसेंस, रजिस्ट्रेशन जैसी सुविधाओं को ऑनलाइन शुरू कर चुका है। फेसलेस सेवा शुरू करने वाला राज्यों में मप्र देश में अग्र पंक्क्ति  में है। शादी-पार्टी के लिए यात्री बस के अस्थायी परमिट भी ऑनलाइन ऑटो अप्रूबल के माध्यम से दिए जा रहे हैं। 18 जिलों में ड्रायविंग लायसेंस प्रशिक्षण केन्द्र निर्मित, स्वीकृत अथवा निर्माणाधीन हैं। इसी प्रकार 18 एटीएस स्टेशनों पर मानव रहित फिटनेस की जा रही है।