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मध्यप्रदेश

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चालक को अस्पताल, थाना और ब्लैकस्पॉट भी बताएगा लोकपथ एप, लोक निर्माण मंत्री ने बताईं विभागीय उपलब्धियां, नवाचार और आगामी कार्योजना

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भोपाल। मप्र लोक निर्माण विभाग की खराब सडक़ों, गड्ढों सहित सडक़ संबंधी अन्य समस्याओं की शिकायत और सात दिन में जवाबदेह निराकरण के उद्देश्य से बनाया गया लोकपाथ एक अब आद्यतन होकर लोकपथ 2.0 हो जाएगा। सडक़ संधारण का समय सात दिन से घटकर 4 दिन रह जाएगा। साथ ही आद्यतन एप के माध्यम से वाहन चालक को कई सुविधाएं मिलेंगी। किसी स्थान पर पहुंचने के लिए वाहन चालक को वैकल्पिक मार्ग, टोल नाका, पर्यटन एवं धार्मिक स्थल, पेट्रोल पंप, थाना, हॉस्पीटल एवं ब्लॉक स्पॉट जैसी जानकारी पहले से मिल सकेगी। 

 मप्र की डॉ. मोहन यादव सरकार के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने गुरूवार को राजधानी में दो साल की विभागीय उपलब्धियां, नवाचार और आगामी कार्योजना मीडिया से साझा करते हुए यह जानकारी दी। 

मप्र में 4.2 लाख किमी सडक़ नेटवर्क 

मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि मप्र में वर्तमान में कुल 4.2 लाख किमी सडक़ नेटवर्क है। इसमें शहर और ग्रामीण मिलाकर लोक निर्माण विभाग का कुल 77268 कमी सडक़ नेटवर्क है। लगभग 6 हजार किमी फोरलेन, 13 हजार किमी डबल लेन एवं शेष सिंगल या इंटरमीडिएट लेन है। 

एक साल में बनी 10 किमी सडक़ें 

दो सालों की उपलब्धियां गिनाते हुए मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024-25 में ही 17284 करोड़ की लागत से 10 हजार किमी सडक़ें बनी हैं। इसके अलावा 6627 करोड़ से 739 भवनों का निर्माण पूरा हुआ है। मंत्री ने भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, नीमच, मंदसौर सहित अन्य शहरों में 5745 करोड़ की लागत से पूरी हुई परियोजनाओं की भी जानकारी दी। साथ ही कहा कि प्रदेशभर में बड़े स्तर पर निर्माण कार्य चल रहे हैं। 

इन शहरों में बन रहे एलिवेटेड और विशेष कॉरिडोर 

- ग्वालियर में 13 किमी, भोपाल के संत हिरदाराम नगर में 2.6 किमी, नर्मदापुरम में तवा नदी पर फोरलेन उच्च स्तरीय पुल, इंदौर में 350 करोड़ की लागत से एलिवेटेड कॉरिडोर, प्रदेशभर में 111 नए आरओबी निर्माण कार्य चल रहे हैं। 

इन एक्सप्रेस-वे और हाई-स्पीड मार्ग का काम जारी

-उज्जैन-जवरा एक्सप्रेस-वे- लागत 5017 करोड़। 

- इंदौर-उज्जैन फोरलेन मार्ग का सिक्सलेन में उन्नत किया जाना, लागत-1692 करोड़

- नवीन इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे -लागत 2935 करोड़। 

-एडीबी और एनडीबी के अंतर्गत 6746 करोड़ की परियोजनाएं। 

- 14918 करोड़ लागत के 989 किमी लम्बाई के 55 राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण।

- 3146 करोड़ से सात मेडिकल कॉलेज, 871 करोड़ से जबलपुर एवं इंदौर नवीन न्यायिक भवन एवं 160 करोड़ से भोपाल में विधायक विश्रामगृह निर्माण। 

- मप्र के उज्जैन, सागर में 4 रोप-वे निर्माण। 

- सिंहस्थ के लिए 13274 करोड़ से 64 निर्माण कार्य। 

लोक निर्माण विभाग ने यह किए नवाचार 

- लोकपथ मोबाइल एप के नवाचार के साथ 4 दिन में होगी टूटी सडक़ों की मरम्मत, अब तक मिली 11 हजार शिकायतें। 

- भास्कराचार्य संस्थान के सहयोग से बनेगी कार्योजना। एलाइनमेंट की प्लानिंग, डीपीआर में वन भूमि आदि का सटीक चिन्हांकन हो सकेगा। रोडनेटवर्क प्लान के साथ टाईगर कॉरिडोर की भी प्लानिंग हो सकेगी। 

- मार्ग में हर एक किमी पर वाटर रिचार्ज बोर होगा, लोक कल्याण सरोवर बने, फ्लाईओवर में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग और वैज्ञानिक पद्यति से वृक्ष स्थानांतरण होगा। 

गोपनीय नमूनों से होगी गुणवत्ता की जांच 

 प्रदेश की किसी भी सडक़ अथवा निर्माण कार्य के नमूनों के लिए अधिकारी का चयन सॉफ्टवेयर से रेंडमली और और क्यूआर कोड प्रक्रिया से होगा। सडक़ के लिए डामर की आपूर्ति शासकीय रिफायनरियों से होगी। मंडल स्तर पर 14 चलित प्रयोगशालाएं संचालित होंगी। 

10 प्रतिशत से कम दर, तो बढ़ेगी गारंटी राशि

लोक निर्माण विभाग के किसी भी काम के लिए ठेकेदार अगर 10 प्रतिशत से कम दर डालता है तो उसे अंतर की अतिरिक्त सुरक्षा राशि देनी होगी। यदि 20 प्रतिशत से कम दर पर डालता है तो अंतर की दो गुनी राशि जमा करानी होगी। ठेकेदार को मशीनों का मालिकाना प्रमाण देने होंगे एवं न्यूनतम कर्मचारी भी दिखाने होंगे।मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि अभियंताओं का प्रशिक्षण कराया जाएगा। मप्र में इंजीनियरिंग रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित होगा। 

तीन साल में कई परियोजनाएं पूरी करेगा विभाग

आगामी तीन सालों की कार्योजनाओं की जानकारी देते हुए मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि 36483 करोड़ लागत की छह प्रमुख एक्सप्रेस-वे और प्रगतिपथ परियोजनाएं निर्माणाधीन या स्वीकृत हैं। इसके अलावा 867 किमी का नर्मदा प्रगतिपथ, 676 किमी का विंध्य एक्सप्रेस-वे, 450 किमी का मालवा-निमाड़ विकासपथ, 299 किमी का अटल प्रगतिपथ, 330 किमी का बुंदेलखंड विकासपथ, 746 किमी का मध्यभारत विकासपथ बनाए जाने हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग की कई परियोजनाएं। टाईगर कॉरिडोर एवं सडक़ विकास निगम की भी कई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं।