Breaking News:

• रेखा यादव ने संभाला महिला आयोग अध्यक्ष का कार्यभार • ‘एक्टिव मोड’ में कार्य करें अधिकारी, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई, समय सीमा बैठक में कलेक्टर के निर्देश • पश्चिम बंगाल विजय पर भाजपा कार्यालय में मना उत्सव, ढोल-नगाड़ों के बीच झूमे कार्यकर्ता, प्रदेश अध्यक्ष ने मिठाई के साथ खिलाई झालमुड़ी • कौशल शर्मा ने ग्रहण किया महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान के अध्यक्ष का पदभार • मोदी की झोली में बंगाल की ममता, भगवा हो गया ‘झालमुई’ का रंग, प्रधानमंत्री बोले यह ऐतिहासिक और अभूतपूर्व दिन • रोटेशन नहीं ट्रांसफर हैं ये: चेकपोस्ट व्यवस्था के बाद ही जारी होगी परिवहन विभाग की चक्रानुक्रम (रोटेशन) सूची! अभी मैदानी अमले को मिलना शुरू हुई नई पदस्थापना
मध्यप्रदेश

Image Alt Text

7227 श्रमिकों के खातों में डाले संबल के 160 करोड़, मुख्यमंत्री बोले श्रमिक मध्यप्रदेश को गढऩे वाले सच्चे सेवक

मध्यप्रदेश

भोपाल।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री जनकल्याण (सम्बल 2.0) योजना के तहत राज्य के 55 जिलों के 7227 सम्बल हितग्राहियों के बैंक खातों में 160 करोड़ रुपए की अनुग्रह सहायता राशि अंतरित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हर उस जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है, जो इसके वास्तविक हकदार हैं। हमारी सरकार गरीब, लाचार, श्रमिक, निराश्रित और जरूरतमंद नागरिकों को स्नेह, अपनत्व, स्वावलंबन और आर्थिक सहायता का संबल देती रहेगी। प्रदेश की जनता के सुख-दुख में सरकार हमेशा साथ खड़ी है।

अब तक 7.76 लाख प्रकरणों में 7383 करोड सहायता 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस योजना के प्रारंभ वर्ष 2018 से लेकर अब तक 7.76 लाख प्रकरणों में 7383 करोड़ रुपए की सहायता राशि जरूरतमंद हितग्राहियों को दी जा चुकी है।

सरकार-श्रमिकों के बीच भरोसे का नाम संबल 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संबल योजना श्रमिकों के कठिन समय की सच्ची साथी है। सरकार हर परिस्थिति में श्रमिकों के साथ खड़ी है। संबल योजना सिर्फ़ आर्थिक सहायता का जरिया ही नहीं, यह सरकार और श्रमिकों के बीच आपसी भरोसे का रिश्ता भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समय के साथ श्रम के स्वरूप भी बदले हैं। हमारी सरकार ने गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को असंगठित श्रमिक का दर्जा दिया है। 

एक मार्च 2024 से इन्हें भी संबल योजना के दायरे में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि अब तक 1400 से अधिक गिग वर्कर्स पंजीकृत किए गए हैं। 

आयुष्मान भारत योजना से जुड़े संबल हितग्राही 

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों और श्रमिकों के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए हमने संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत योजना से भी जोड़ दिया है। इससे उन्हें भी 5 लाख रुपये तक का नि:शुल्क इलाज मिल रहा है। साथ ही 25 लाख से अधिक नए ई-श्रमिक परिवारों को राशन पात्रता देकर उन्हें भी नि:शुल्क राशन का लाभ दिया गया है। गर्भवती बहनों के लिए भी सरकार बेहद संवेदनशील है। गर्भावस्था के दौरान उन्हें काम पर न जाना पड़े और उन्हें पोषण की कमी न हो, इसी उद्देश्य से ऐसी बहनों को 16 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। पत्थर तोडऩे वाले, ईंट बनाने वाले, पापड़ अचार बनाने वाले, खाना बनाने वाले, घरों में काम करने वाले मजदूर या तेंदूपत्ता बीनने वाले सभी श्रमिक और उनके परिवार इस योजना से जुडक़र आर्थिक मदद पा रहे हैं। 

कुशल श्रम शक्ति को आगे बढ़ाने शुरू की ‘श्रमणा’

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की कुशल श्रम शक्ति को सहकारिता के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए हमने ‘श्रमणा’ जैसी योजनाएं भी शुरू की हैं, जिससे श्रमिक वर्ग आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार हर गरीब और श्रमिक वर्ग के साथ हर कदम पर खड़ी है। कोई भी श्रमिक परिवार खुद को असहाय न समझे। श्रमिक भाई सरकार की सभी सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का भरपूर लाभ उठायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में कठिनाई कभी बताकर नहीं आती। ऐसी स्थिति में जमा-पूंजी (पैसा) ही हमें संबल देता है। राज्य सरकार सभी श्रमिक परिवारों के हर मुश्किल वक्त में साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि संबल योजना सभी को एक माला की तरह साथ जोडक़र रखती है।

योजना में 1.83 करोड़ श्रमिकों का पंजीयन: पटेल 

पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल कार्यक्रम में अमरकंटक से वर्चुअल शामिल होकर कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में आज संबल योजना के अंतर्गत 7वीं बार हितग्राही परिवारों को राशि अंतरित की जा रही है। संबल योजना के अंतर्गत अब तक 1.83 करोड़ से अधिक श्रमिकों ने पंजीयन कराया है, जबकि संबल 2.0 में 43 लाख लोगों ने पंजीयन किया है। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, सचिव मुख्यमंत्री आलोक सिंह, सचिव श्रम रघुराज एम.आर., सचिव म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल बंसत कुर्रे सहित अधिकारी उपस्थित रहे। जिलों से जनप्रतिनिधि एवं संबल हितग्राही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।