Breaking News:
मध्यप्रदेश
रात में प्रायवेट नौकरी कर सकेंगी महिलाएं, पुरुषों के समान मिलेगा वेतन
मध्यप्रदेश
मप्र दुकान एवं प्रतिष्ठान स्थापना (संशोधन) विधेयक 2025 विधानससभा में पारित
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में मंगलवार को मप्र दुकान एवं प्रतिष्ठान स्थापना (संशोधन) विधेयक 2025 पारित हो गया। इस संशोधन के बाद राज्य में दुकान, होटल, रेस्टोरेंट या कोई दूसरी व्यवसायिक इकाई के पंजीयन के लिए श्रम विभाग के चक्कर नहीं काटने होंगे। पंजीयन की पूरी प्रक्रिया अब ऑनलाइन होगी। 24 घंटे खुलने वाले दुकान-संस्थानों में महिलाएं रात्रि में भी नौकरी कर सकेंगी और उन्हें पुरुषों के समान ही वेतन मिलेगा।
संशोधन में कर्मचारियों को सप्ताह में अनिवार्य तौर से एक छुट्टी देनी होगी अर्थात कोई भी कर्मचारी से सप्ताह में कुल 6 दिन ही काम लिया जा सकेगा। गुमास्ता लाइसेंस की फीस भी बढ़ाई गई है। यह 250 रुपये से 2500 रुपये तक होगी। श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि 20 से कम दुकानों या स्थानों में श्रम निरीक्षक केवल श्रमायुक्त की अनुमति से ही जाएगा। महिलाओं को समान वेतन और 24 घंटे खुली दुकानों में सुरक्षा देने की जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने बताया कि दुकान रजिस्ट्रेशन शुल्क 250 से अधिकतम 2500 तय किया गया है, जिसका अर्थ यह नहीं कि सभी दुकानों पर 2500 लगेगा। यह राशि भविष्य में संभावित बढ़ोतरी के लिए निर्धारित की गई है।
बच्चों में स्मार्टफोन-इंटरनेट की लत रोकने की मांग
विधायक डॉ. अभिलाष पांडे ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से14 साल से कम उम्र के बच्चों में स्मार्टफोन और इंटरनेट की बढ़ती लत को रोकने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि एक सर्वे रिपोर्ट के अनुसार इस समस्या की रोकथाम के लिए विद्यालयों और आंगनबाडिय़ों के स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। इसके लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि सरकार लगातार इस दिशा में निगरानी के प्रयास कर रही है। बच्चों के स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
कांग्रेस विधायकों ने किया प्रदर्शन
शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने प्रदेश के किसानों की दुर्दशा, उनकी उपेक्षा और भाजपा सरकार की किसान-विरोधी नीतियों के खिलाफ सांकेतिक प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक ‘चिडिय़ा चुग गई खेत’ की झांकी अपने साथ लेकर विधानसभा परिसर पहुंचे। सिंघार ने प्रदेश का किसान कभी खाद के लिए, कभी खरीदी के उचित मूल्य के लिए, और कभी मुआवज़े के लिए दर-दर भटक रहा है। अन्नदाता आज मजबूर होकर सडक़ पर संघर्ष कर रहा है, जबकि सत्ता धारी केवल भावांतर का झुनझुना बजाते रहे।
गैस त्रासदी के दिवंगतों को दी श्रद्धांजलि
विधानसभा की कार्रवाई शुरू होते ही विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस का उल्लेख करते हुए भोपाल में हुई गैस त्रासदी की घटना में दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सदन में मौन रहकर श्रद्धांजलि दी गई
श्री तोमर ने मप्र विधानसभा के नवागत प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा का परिचय एवं स्वागत किया। इस दौरान डिण्डौरी की समस्या को लेकर दो अन्य कांग्रेस विधायकों के साथ आसंदी के समक्ष धरने पर बैठे कांग्रेस विधायक ओमकार सिंह मरकाम से आसन पर बैठने का अग्रह किया। कक्ष में मिलने के बाद विधायक अपनी सीट पर बैठ गए। कमलनाथ सत्र में पहली बार विधानसभा पहुंचे।
अन्य खबर
ट्रेंडिंग खबरें
व्यापार
4 हजार क्विंटल से अधिक चीनी का भंडार नहीं रख सकेंगे डीलर
01-09-26
मध्यप्रदेश
रात 8 बजे चढ़ता है पतीला, रात 12 बजे मासूमों का भोजन तैयार, ठेकेदार की...
01-09-26
मध्यप्रदेश
मासूमों के पोषण आहार में फर्जीवाड़े के खुलासे से परेशान डीपीओ बोलीं गड़बड़ी पर मैं...
01-09-26
राजधानी
अंशुमन यादव बने एडीजी इंटेलीजेंस, चंचल शेखर डायरेक्टर खेल विभाग, मप्र में बदलीं वरिष्ठ आईपीएस...
29-08-26
मध्यप्रदेश
ठेकेदार गटक रहे मासूमों का पोषण आहार, ग्वालियर में मासूमों को गर्म भोजन और महिला...
29-08-26