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अपराध से संपत्ति तक का हिसाब देकर ही लड़ सकेंगे नगरीय निकाय चुनाव
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राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी की अधिसूचना
भोपाल। लोकसभा और विधानसभा चुनाव की तरह अब नगर निगम में महापौर और पार्षद, नगर पालिका परिषद एवं नगर परिषद में अध्यक्ष और पार्षद पद का चुनाव लडऩे के लिए अब प्रत्येक अभ्यर्थी को अपने नाम-निर्देशन पत्र के साथ शपत्र पत्र में अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि, आस्तियों, दायितवों, शैक्षणिक योग्यताओं आदि जानकारी देनी होगी। इस संबंध में मप्र राज्य निर्वाचन आयोग ने विगत 20 नवम्बर को अधिसूचना प्रकाशित कर इस संबंध में आदेश जारी किया है।
आयोग द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि अभ्यर्थी को शपथ पत्र का प्रत्येक कॉलम भरना होगा। यदि किसी कॉलम में जानकारी निरंक है तो उस कॉलम में निरंक शब्द अंकित करना होगा। रिटर्निंग ऑफीसर को यह जांच करनी होगी कि नामांकन पत्र के साथ दाखिल करते समय शपथ पत्र के सभी कॉलम भरे गए हैं अथवा नही। रिक्त कॉलम भरने की सूचना के बाद भी कोई अभ्यर्थी कॉलम नहीं भरेगा तो उसके नामांकन पत्र की जांच/संवीक्षा के समय रिटर्निंग ऑफीसर द्वारा नामांकन पत्र खारिज किया जाएगा।
अभ्यर्थी स्वयं सत्यापित करेगा शपथ पत्र
आयोग की अधिसूचना के अनुसार अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत शपथ पत्र निर्धारित शुल्क के स्टाम्प पेपर पर प्रस्तुत किया जाएगा। अभ्यर्थी द्वारा सत्यापित किया जाएगा और मजिस्ट्रेट/शपथ आयुक्त/नोटरी के समक्ष शपथित होगा। अभ्यर्थी द्वारा नाम निर्देशन पत्र के साथ प्रस्तुत किए जाने वाले शपथ पत्र की दो हस्ताक्षरित अतिरिक्त प्रतियां भी प्रस्तुत की जाएंगी। शपथ पत्र नहीं दिए जाने की स्थिति में रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा नाम निर्देशन पत्र निरस्त किया जाएगा।
नोटिस बोर्ड और मीडिया में होगा प्रसारण
अभ्यर्थी की संपत्ति, शिक्षा और अपराधों से जुड़ी जानकारी रिटर्निंग ऑफिसर के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित होगी। इसके अलावा मीडिया के माध्यम से भी प्रसारित की जाएगी। जरूरत पडऩे पर आयाग भी प्रतियां जिला निर्वाचन अधिकारी से ले सकेगा। किसी निर्वाचक द्वारा मांग किए जाने पर शपथ पत्र की प्रमाणित प्रति दो रुपये प्रति पृष्ठ के मूलय पर प्रदान की जाएगी। किसी निर्वाचक किसी अभ्यर्थी के शपथ पत्र में दी गई जानकारी के विरुद्ध शपथ-पत्र प्रस्तुत करता है तो उसकी प्रति भी रिटर्निंग ऑफिसर के नोटिस बोर्ड एवं मीडिया में प्रसारित होगी। इसके अलावा शपथ पत्र मय सार पत्र के आयोग की वेबसाइट पर आमजनता के देखने के लिए अपलोड की जाएगी।
चुनाव खर्च का विवरण भी देना होगा
निकाय चुनाव में आयोग ने चुनाव लडऩे वाले अभ्यर्थियों के चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा भी तय करेगा। अभ्यर्थी द्वारा खर्च राशि, उसके भुगतान की जानकारी के लिए अलग से रजिस्टर बनाना होगा। चुनाव खर्च की जानकारी तीस दिन के भीतर आयोग को अनिवार्य रूप से देनी होगी। प्रत्याशी के चुनावी खर्च की जानकारी कोई भी व्यक्ति दस रुपए की फीस जमा करके ले सकेगा।
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