Breaking News:

• रेखा यादव ने संभाला महिला आयोग अध्यक्ष का कार्यभार • ‘एक्टिव मोड’ में कार्य करें अधिकारी, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई, समय सीमा बैठक में कलेक्टर के निर्देश • पश्चिम बंगाल विजय पर भाजपा कार्यालय में मना उत्सव, ढोल-नगाड़ों के बीच झूमे कार्यकर्ता, प्रदेश अध्यक्ष ने मिठाई के साथ खिलाई झालमुड़ी • कौशल शर्मा ने ग्रहण किया महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान के अध्यक्ष का पदभार • मोदी की झोली में बंगाल की ममता, भगवा हो गया ‘झालमुई’ का रंग, प्रधानमंत्री बोले यह ऐतिहासिक और अभूतपूर्व दिन • रोटेशन नहीं ट्रांसफर हैं ये: चेकपोस्ट व्यवस्था के बाद ही जारी होगी परिवहन विभाग की चक्रानुक्रम (रोटेशन) सूची! अभी मैदानी अमले को मिलना शुरू हुई नई पदस्थापना
मध्यप्रदेश

Image Alt Text

नवाचार कर तलाशें समस्याओं के वैकल्पिक समाधान

मध्यप्रदेश

संभाग और जिलाधिकारियों को मुख्य सचिव की सलाह 

भोपाल।  नवाचारी प्रयासों से समस्याओं के वैकल्पिक समाधान तलाशें और आदर्श प्रक्रियाएं अपनाएं। जनजातीय विकास की योजनाएं संवेदनशील प्रकृति की होती हैं, इसलिए समय-सीमा का ध्यान रखें। राजधानी में कलेक्टर कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन कर्मयोगी अभियान, पीएम जनमन योजना, धरती आबा जनजाति उत्कर्ष अभियान, वन अधिकार अधिनियम जैसे जनजातीय कार्य विभाग के विषयों पर अपने संबोधन में यह बात मुख्य सचिव अनुराग जैन ने संभागीय आयुक्तों और जिलाधीशों से कही। 

प्रमुख सचिव जनजाति कार्य गुलशन बामरा ने योजनाओं और कार्यप्रगति के संबंध में प्रस्तुतिकरण दिया। बताया गया कि आदि कर्मयोगी अभियान में 14 हजार 40 लक्षित गांव के 10 हजार 893 विलेज एक्शन प्लान बन चुके हैं। इन गांवों में 11 हजार 394 आदि सेवा केंद्र स्थापित हो चुके हैं। आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पीएम किसान जन धन, जाति प्रमाण-पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, राशन कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज जारी किए गए उनकी संख्या 17 लाख 70 हजार 745 है। प्रतुतिकरण में अन्य योजनाओं को भी विस्तार से बताया गया। 

इन जिलों का उत्कृष्ट प्रदर्शन 

आयुष्मान कार्ड जारी करने में शिवपुऱी, मैहर, रायसेन, कटनी और भिंड ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। लंबित जाति प्रमाण पत्र जारी करने में जबलपुर, रायसेन और सिवनी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। सेवा केन्द्रों की स्थापना में बड़वानी खरगोन, नरसिंहपुर, सीहोर और इंदौर जिलों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। बालाघाट ने वन अधिकार दावों के निराकरण पर प्रस्तुतिकरण दिया।

ग्रामीण क्षेत्रों में विकास ही विकसित मप्र का आधार

ग्रामीण विकास विभाग के सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा है कि विकसित प्रदेश का मुख्य आधार है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसरंचना निर्माण और विकास के साथ हितग्राहीमूलक योजनाएं संचालित हैं। जिला कलेक्टर्स एवं मुख्यकार्यपालन अधिकारी विकास के साथ योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में चलाए जा रहे स्वच्छता एवं पर्यावरण संबंधी अभियानों में ग्रामीणों की भागीदारी को सुनिश्चित करें। सुशासन और अंत्योदय को सफल बनाने के मूल मापदंड के अनुसार कार्य करें। 

राजस्व अभिलेखागार का नवाचार उपयोगी और अनुकरणीय

कॉन्फ्रेंस में जबलपुर में राजस्व विभाग के रिकॉर्ड रूम को लेकर हुए नवाचार को उपयोगी तथा अनुकरणीय बताते हुए सराहा गया। इस नवाचार ने जनसामान्य के राजस्व रिकॉर्ड देखने के अनुभव को पूर्णता: बदल दिया है। आयुक्त जनसंपर्क एवं तत्कालीन कलेक्टर जबलपुर दीपक सक्सेना ने लघु फिल्म के प्रस्तुतिकरण में बताया कि जबलपुर के नवीनीकृत राजस्व अभिलेखागार का वातावरण अब बैंक के लॉकर रूम जैसा है। इस पहल से जनसामान्य के साथ रिकॉर्ड रूम के कर्मचारियों को भी गंदे-बदबूदार वातावरण से मुक्ति मिली है और वे रिकॉर्ड ढूंढने की मशक्कत से मुक्त हुए हैं। 

योजना और विकास कार्यों के प्रचार में सहयोग करें कलेक्टर 

‘सुशासन में संवाद की महत्ता’ विषय पर संबोधित करते हुए मुख्य सचिव अनुराग जैन ने शासन की नीतियों, योजनाओं और कार्यक्रमों की सही और समायोजित जानकारी जन सामान्य तक पहुंचाने की महत्ता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सूचनाओं का पारदर्शी प्रसार सरकार की विश्वसनीयता स्थापित करने का मुख्य आधार है। इसके साथ ही जिला प्रशासन को अफवाहों, गलत जानकारी और दुष्प्रचार का खंडन करने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने चाहिए। इससे जनहित की रक्षा के साथ सरकार की छवि को बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।श्री जैन ने कहा कि जिला स्तर पर योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में जनभागीदारी को अधिक से अधिक प्रोत्साहित किया जाए। 

संचार के सभी माध्यमों से हो योजनाओं का प्रचार-प्रसार: सक्सेना 

आयुक्त जनसंपर्क दीपक सक्सेना ने जनसंपर्क विभाग द्वारा संचालित गतिविधियों का प्रेजेन्टेशन देते हुए कहा कि सकारात्मक जनमत तैयार करने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रानिक और सोशल मीडिया के माध्यम से योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जा सकता है। नवीनतम तकनीकों के उपयोग से जनसंपर्क गतिविधियों को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाना संभव हुआ है। मीडिया विश्लेषण और जन भावनाओं के अध्ययन से नीतियों में आवश्यक सुधार भी किया जा सकता है। उन्होंने आपदा या संवेदनशील स्थितियों में सटीक और संयमित सूचना का रीयल टाइम में प्रसार के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, सोशल और डिजिटल मीडिया पर प्रकाशित प्रसारित होने वाले समाचारो की नियमित मॉनिटरिंग कर संबंधित विभागों को प्रतिदिन रिपोर्ट भी दी जा रही है।