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मध्यप्रदेश

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छिंदवाड़ा जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने मदद करें चिकित्सा संस्थाएं

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उप मुख्यमंत्री शुक्ला ने की आईएपी और शिशु रोग विशेषज्ञों के साथ बैठक

 भोपाल। छिंदवाड़ा में शिशुओं की मृत्यु जैसी दुखद घटना के बाद उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने सोमवार को इंडियन एकेडेमी आफ पीडियाट्रिक्स तथा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। 

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, राज्य कार्यालय में आयोजित बैठक में छिंदवाड़ा की घटना के परिपेक्ष्य में शिशुओ व बच्चों को चिकित्सकों द्वारा लिखी जा रहीं तथा बाजार में उपलब्ध विभिन्न औषधियों विशेषकर संयोजन औषधियों (काम्बिनेशन मेडिसिन्स) के उपयोग में बरती जाने वाली सावधानियों तथा इस हेतु केंद्र व राज्य सरकार तथा विभिन्न चिकित्सा संगठनों जैसे इंडियन एकेडेमी आफ पीडियाट्रिक्स तथा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा जारी दिशा निर्देशो के पालन के संबंध में विस्तृत चर्चा हुई। उपस्थित शिशु रोग विशेषज्ञो ने सहमति व्यक्त की कि सरकार द्वारा स्थितियों के सुधार हेतु किए जा रहे प्रयासो में सभी संगठन सरकार के साथ हैं। 

मंत्री श्री शुक्ल ने बैठक में आए सुझावों को ध्यान से सुनते हुए शासकीय दिशा निर्देशो में आवश्यकतानुसार उन्हें शामिल किये जाने की बात कही। उन्होंने छिंदवाडा की घटना पर कहा कि निश्चित ही यह घटना अत्यंत त्रासदायक है। इस घटना के सभी पहलुओं की जांच करवाई जा रही हैं और सभी दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय व राज्य शासन द्वारा जारी दिशा निर्देशो के पालन तथा इनका पालन करवाने में इंडियन एकेडेमी आफ पीडियाट्रिक्स तथा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन जैसे संस्थाओं की मदद से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से बचा जा सकता हैं। इंडियन एकेडेमी आफ पीडियाट्रिक्स तथा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन जैसे संस्थाओ में शामिल तकनीकी विशेषज्ञ सुदूर इलाकों में मेडिकल प्रैक्टिस कर रहे चिकित्सकों प्रशिक्षित कर इस तरह की घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता हैं। बैठक में प्रमुख सचिव संदीप यादव ने छिंदवाड़ा की घटना और कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही  केंद्र और राज्य सरकार द्वारा विगत दो वर्षो में जारी निर्देशो की वृहद जानकारी दी गयी।  अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की शिशु रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ शिखा मलिक द्वारा चिंता व्यक्त करते हुये कहा गया कि औषधियों के काउंटर विक्रय को नियंत्रित किये जाने की आवश्यकता हैं। बैठक में डॉ राकेश मिश्रा, इंडियन एकेडेमी आफ पीडियाट्रिक्स के अध्यक्ष डॉ महेश माहेश्वरी ने भी विस्तृत जानकारी दी। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान से डॉ शिखा मलिक, इंडियन एकेडेमी आफ पीडियाट्रिक्स के अध्यक्ष डा महेश माहेश्वरी, सचिव डॉ दिनेश मेकले, डॉ अम्बर कुमार, डॉ भुपेश्वरी पटेल, गांधी चिकित्सा महाविद्वलय के डॉ मंजूशा गुप्ता, डॉ राकेश टिक्कस और निजी चिकित्सक डॉ राकेश मिश्रा, राकेश सुखेजा, डॉ श्रुति सरकार, डॉ गुफरान अहमद, डॉ राहुल खरे समेत बडी संख्या में शिशु रोग विशेषज्ञ शामिल हुए।