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मध्यप्रदेश

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मप्र के छह और राजनीतिक दलों की खत्म होगी मान्यता

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-चुनाव आयोग ने नोटिस भेजकर 8 अक्टूबर तक मांगा जबाव 

भोपाल। चुनाव आयोग ने मप्र के 38 राजनीतिक दलों को डी लिस्ट करने के बाद छह और राजनीतिक दलों को नोटिस भेजा है। इनके खिलाफ यह कार्रवाई 2019 से अब तक कोई चुनाव नहीं लडऩे और पिछले 3 साल का ऑडिट रिकॉर्ड नहीं सौंपने के मामले में की गई है और जवाब मांगा गया है। आयोग ने इन दलों के पते पर नोटिस जारी करने के साथ 8 अक्टूबर तक जवाब देने और 13 अक्टूबर को सुनवाई में पहुंचने के लिए कहा है।

चुनाव आयोग ने अगस्त और सितम्बर के महीने में राजनीतिक दलों को डी लिस्ट करने की कार्यवाही की है। जिन राजनीतिक दलों को ताजा नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें किसान राज पार्टी, समान आदमी समान पार्टी, समता विकास पार्टी, श्रीजनता पार्टी, अधिकार विकास पार्टी और दलित विकास पार्टी भारत शामिल हैं। इन राजनीतिक दलों ने वर्ष 2019 से अब तक कोई चुनाव नहीं लड़ा है और ऑडिट रिपोर्ट भी नहीं सौंपी है। आयोग ने इन्हें नोटिस जारी कर जवाब देने का मौका दिया है। इनसे 8 अक्टूबर तक जवाब मांगा गया है और 13 अक्टूबर को सुनवाई का मौका दिया गया है। चुनाव आयोग ने जन प्रतिनिधि एक्ट 1951 की धारा 29 ए के अंतर्गत नोटिस दिए हैं। संबंधित राजनीतिक दलों को अपना जवाब प्रस्तुत करने का मौका देने के बाद आयोग ने इन्हें डी लिस्ट करने का निर्णय लेगा।

9 अगस्त को 334 दलों को डी लिस्ट किया था

आयोग ने पहले और दूसरे नोटिस में एमपी के 15 और 23 राजनीतिक दलों की मान्यता इसी आधार पर खत्म की है। गौरतलब है कि चुनाव आयोग द्वारा देश के सभी राज्यों के 808 राजनीतिक दलों को दो माह के अंतराल में डी लिस्ट किया जा चुका है। पहले चरण में 9 अगस्त को 334 दलों को डी लिस्ट किया था। वहीं, दूसरे चरण में 474 राजनीतिक दलों को डी लिस्ट किया है। अब तीसरे चरण में 359 दलों को डी लिस्ट करने का नोटिस मिला है जिसमें एमपी के 6 राजनीतिक दल शामिल हैं।